SIR पूरा होने पर अब नहीं चाहिए डिक्लेरेशन फॉर्म: चुनाव आयोग

Ghazala Saheb30 September 20261 min read9 viewsBihar
SIR पूरा होने पर अब नहीं चाहिए डिक्लेरेशन फॉर्म: चुनाव आयोग

चुनाव आयोग (ECI) ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। आयोग के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का कार्य पूरा हो चुका है, या जहां यह अभी शुरू होना बाकी है, वहां अब डिक्लेरेशन फॉर्म जमा करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी।

फॉर्म 6 में नहीं हुआ कोई बदलाव

आयोग ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है, चाहे वह SIR की अवधि के दौरान हो या उसके बाद। डिक्लेरेशन फॉर्म एक अतिरिक्त दस्तावेज था, जिसे 24 जून 2025 के आदेश और उसके बाद के SIR आदेशों के तहत उन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में मांगा गया था जहां SIR संचालित किया गया था। आयोग के अनुसार, यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था।

इस डिक्लेरेशन फॉर्म के माध्यम से नए आवेदकों को अपने, अपने माता-पिता या अपने दादा-दादी का विवरण उन मतदाता सूचियों से जोड़कर देना होता था, जो पिछले गहन पुनरीक्षण (intensive revision) के दौरान तैयार की गई थीं। गौरतलब है कि आयोग ने 26 सितंबर 2026 के प्रेस नोट में कहा था कि फॉर्म 6 के साथ संलग्न इस डिक्लेरेशन को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है।

बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों में प्रक्रिया पूरी

आयोग के अनुसार, SIR की प्रक्रिया अब तक 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पूरी की जा चुकी है, जिनमें बिहार और पश्चिम बंगाल भी शामिल हैं। आयोग ने यह भी जानकारी दी कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों

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