"क्या आपको बल्ले और गेंद का मुकाबला नहीं चाहिए?" गंभीर ने पिच पर उठाए सवाल

Ghazala Saheb10 October 20263 min read0 viewsBihar
"क्या आपको बल्ले और गेंद का मुकाबला नहीं चाहिए?" गंभीर ने पिच पर उठाए सवाल

रांची में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले के बाद भारतीय मुख्य कोच गौतम गंभीर ने पिच की स्थिति और खेल के संतुलन को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। वेस्टइंडीज के खिलाफ रनों की बारिश वाले इस मैच के बाद गंभीर ने सवाल उठाया कि क्या क्रिकेट में बल्ले और गेंद के बीच एक समान मुकाबला होना जरूरी नहीं है?

गेंदबाजों के करियर पर मंडराता खतरा

मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए गंभीर ने कहा कि वर्तमान में पिचें अत्यधिक बल्लेबाजी के अनुकूल होती जा रही हैं, जिससे गेंदबाजों के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा:

"क्या आप बल्ले और गेंद के बीच एक अच्छा मुकाबला नहीं देखना चाहते? जो आप देखना चाहते हैं, वही हम भी देखना चाहते हैं। हम भी एक समान मुकाबला देखना चाहते हैं।"

गंभीर ने आगे जोर देते हुए कहा कि पिच की इस स्थिति का सीधा असर गेंदबाजों के भविष्य पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, "ये हमारे गेंदबाज हैं, किसी और के नहीं। उनके करियर दांव पर लगे हैं, उन्होंने इस ड्रेसिंग रूम में बैठने के लिए कड़ी मेहनत की है। अगर मुकाबला बराबरी का होगा, तो हम क्रिकेट का बेहतर खेल देख पाएंगे।"

वेस्टइंडीज की धमाकेदार बल्लेबाजी और भारत की हार

यह बयान उस समय आया जब वेस्टइंडीज ने भारत द्वारा दिए गए 250 रनों के विशाल लक्ष्य को महज 9 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में मात्र 38.3 ओवरों में कुल 501 रन बने और 33 छक्के देखने को मिले। सपाट पिच और ओस (dew) की वजह से गेंदबाजों की मुश्किलें काफी बढ़ गईं।

मैच का मुख्य आकर्षण वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों का प्रदर्शन रहा:

  • शाई होप: 45 गेंदों में नाबाद 102 रनों की शानदार पारी खेली।
  • शेरफेन रदरफोर्ड: 37 गेंदों में 84 रनों का तूफानी योगदान दिया।

वेस्टइंडीज ने यह लक्ष्य हासिल कर पांच मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली है।

मयंक यादव की रफ्तार को मिला कोच का समर्थन

हार के बावजूद, भारतीय तेज गेंदबाज मयंक यादव का प्रदर्शन उम्मीद जगाने वाला रहा। उन्होंने तीन ओवरों में 36 रन देकर 3 विकेट झटके। मयंक ने अपनी गेंदबाजी के दौरान 145 किमी प्रति घंटे से लेकर 149.5 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार दर्ज की।

गंभीर ने मयंक की गेंदबाजी शैली का बचाव करते हुए कहा कि एक तेज गेंदबाज को अपनी गति पर ही भरोसा करना चाहिए। उन्होंने कहा, "वह एक तेज गेंदबाज है, उसे तेज गेंदबाज की तरह ही गेंदबाजी करनी चाहिए। वह कोई स्लो गेंदबाज नहीं है। अगर आप 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं, तो वही करें। एक तेज गेंदबाज के रूप में, तेज गेंदबाजी करना आपकी जिम्मेदारी है।"

हार के लिए बहानेबाजी नहीं करेंगे टीम इंडिया

मैच के बाद गंभीर ने स्पष्ट किया कि टीम हार के लिए परिस्थितियों को ढाल नहीं बनाएगी। उन्होंने कहा कि टीम विश्व विजेता है और लगातार सुधार करना चाहती है। उन्होंने स्वीकार किया कि ओस और सपाट विकेट पर गेंदबाजी करना कठिन था, लेकिन टीम को इसका समाधान ढूंढना होगा। गंभीर ने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों की प्रशंसा करते हुए कहा कि शाई होप जैसे विश्व स्तरीय खिलाड़ी ने कठिन परिस्थितियों में भी पारी को बखूबी संभाला।

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