किशनगंज एयरपोर्ट रनवे विस्तार के लिए लगेगा विशेष कैंप, मुआवजे की प्रक्रिया होगी तेज

किशनगंज जिले में विकास की रफ्तार को नई गति देने के लिए जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय लिया है। सड़क, रेल, पुल और हवाई अड्डे से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में लंबित भूमि अधिग्रहण कार्यों और मुआवजे के भुगतान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
एयरपोर्ट रनवे विस्तार के लिए विशेष शिविर
किशनगंज हवाई अड्डे के रनवे विस्तार के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का अवार्ड और नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है। अब इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देने और प्रभावित रैयतों को उनका हक दिलाने के लिए प्रशासन विशेष पहल कर रहा है। जिलाधिकारी ने किशनगंज अंचलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे विशेष शिविर (कैंप) लगाकर रैयतों का एलपीसी (भूमि कब्जा प्रमाण पत्र) तैयार करें।
इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य भुगतान की प्रक्रिया को गति देना है। प्रशासन ने रैयतों से अपील की है कि वे अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ मुआवजे की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए सहयोग करें, ताकि विकास कार्यों में कोई बाधा न आए।
एक्सप्रेस-वे और अन्य बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक के दौरान अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया गया:
- गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे: इस परियोजना का गजट राजपत्र और समाचार पत्रों में प्रकाशन हो चुका है। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि इसकी जानकारी संबंधित गांवों और प्रखंडों में व्यापक रूप से पहुंचाई जाए ताकि प्रभावित लोग निर्धारित समय के भीतर अपनी दावा-आपत्ति दर्ज करा सकें।
- भारतमाला परियोजना: मेजर डिस्ट्रिक्ट ग्रीनफील्ड परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई।
- सड़क और रेल लाइन: एसएच-99, बहादुरगंज-टेढ़ागाछ सड़क चौड़ीकरण, अररिया-गलगलिया गाइड बांध और न्यू बीजी रेल लाइन के कार्यों पर चर्चा हुई।
- पुल और घाट निर्माण: अभयपुरघाट, असुरा एवं निशंद्रा घाट तथा तैयबपुर में आरसीसी पुल निर्माण की स्थिति जांची गई।
अधिकारियों को समयबद्ध कार्य निष्पादन के निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि विकास परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे भूमि संबंधी प्रमाणपत्र (एलपीसी) जल्द से जल्द भेजें ताकि भुगतान प्रक्रिया में तेजी आए। इसके अलावा, पांच रोड ओवरब्रिज, कोसी-मेची लिंक नहर और सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए खेसरा पंजी भी शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया है।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सहित सभी अंचलाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी उपस्थित थे।